मैं घर पर ही खाना खाऊंगा… — झारखंड प्लेन क्रैश से पहले पायलट की आखिरी भावुक कॉल

रांची
झारखंड विमान हादसे को लेकर सामने आ रही पीड़ित परिवारों की आपबीती बेहद दर्दनाक है। इस हादसे ने 7 परिवारों की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में मारे गए पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने बताया कि उसकी चाची उसका रात 11 बजे तक खाने पर इंतजार करती रहीं
झारखंड विमान हादसे को लेकर सामने आ रही पीड़ित परिवारों की आपबीती बेहद दर्दनाक है। इस हादसे ने 7 परिवारों की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हादसे में मारे गए पायलट विकास भगत के पिता डीएस भगत ने बताया कि उसकी चाची उसका रात 11 बजे तक खाने पर इंतजार करती रहीं क्योंकि उसने फोन कर खुद कहा था कि वह खाना घर पर ही खाएगा। अपने बेटे के बारे में बात करते-करते पिता की आंखें नम हो गई। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने कई लोगों की जिंदगी बचाई लेकिन आज खुद जिंदगी की जंग हार गया।
उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा, मेरे बेटा एयर एंबुलेंस चलाता था, कई लोगों की जान बचाई, आज खुद चला गया। मेरा एक ही बेटा था। आंसू पोंछते हुए उन्होंने कहा, विकास ने आखिरी बार अपनी मां से बात की थी और कहा था कि अगर हो सका तो रांची आऊंगा। दिल्ली में उसकी चाची रहती हैं। उसने चाची से कहा कि मैं रात 9 बजे तक दिल्ली पहुंच जाऊंगा और घर पर ही खाना खाऊंगा। उसकी चाची खाना बनाकर रात 11 बजे तक उसका इंतजार करती रही। तब तक बेटा गुजर चुका था। उन्होंने आगे कहा, कल रात हम चतरा में थे और मेरा फोन साइलेंट हो गया था। बहुत सारे लोगों ने फोन किया था लेकिन साइलेंट की वजह से देख नहीं पाए। रात को ढाई बजे बाथरूम जाने के लिए उठा तो देखा फोन की लाइट जल रही है। फोन चेक किया तो घटना के बारे में पता चला। इसके बाद घटनास्थल पर गया। मैंने बेटे की डेड बॉडी देखी। एक ही बेटा था मेरा
कैसे हुआ हादसा
'रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो पायलट सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम सात बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी और लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया। उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया।
रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकता है, हालांकि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि खराब मौसम में विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस दुर्घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि खराब मौसम इसका एक कारण हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी।
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया। गंगवार ने कहा, ''एयर एम्बुलेंस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।''




