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दिल्ली-अंबाला सेक्शन पर दो नई रेल लाइनों का काम शुरू, 4 राज्यों को मिलेगा फायदा

अंबाला.

दिल्ली-अंबाला सेक्शन पर दो नई रेल लाइनों (अप-डाउन) का सर्वे शुरू हो गया है। करीब 194 किलोमीटर रेल लाइनों से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर लाभान्वित होंगे। इस पर करीब 5,983 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिए गए हैं। रेलवे के लिए यह परियोजना रेलवे के लिए अहम है।

इससे रेलयात्रियों और रेलवे को तो फायदा होगा, रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। यात्रियों को नो-रूम जैसी स्थिति से छुटकारा मिल जाएगा। नई रेल लाइनों के लिए कई स्थानों पर जमीन का अधिग्रहण भी होगा।

चार साल में पूरा होगा लक्ष्य
यह परियोजना अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत के यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा देगा। चार वर्षों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पानीपत जंक्शन से अंबाला तक डाउन लाइन की तरफ और दिल्ली की तरफ अपलाइन के साथ नई लाइनें बिछेंगी। दिल्ली से आई टीम ने अंबाला की ओर सर्वे शुरू कर दिया है।

ट्रेनों के क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा
वर्तमान में ट्रेनों को क्रास करने में समय लगता है। यदि किसी ट्रेन को क्रास करवाना है, तो उसके लिए एक ट्रेन को रोका जाता है। कई बार तो एक से ज्यादा ट्रेनों को क्रास कराया जाता है। ऐसे में जिस ट्रेन को रोका जाता है, उसके यात्री परेशान होते हैं और ट्रेन अपने समय पर भी गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती। नई रेल लाइनें बिछने के बाद ट्रेनों की क्रासिंग का समय भी कम होगा। ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा : दो नई लाइनों के बिछने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। अभी स्थिति ऐसी हो जाती है कि ट्रेनों में नो रूम बन जाता है। यानी टिकट ही नहीं मिल पाते। ट्रेनें बढ़ने से यात्रियों को ट्रेनों में सीट मिल जाएगी और रेलवे को राजस्व मिल सकेगा।

रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
दिल्ली-अंबाला नई रेल का यह प्रोजेक्ट रोजगार के मौके भी बढ़ाएगा। ट्रेनों के लिए जहां प्लेटफार्मों का विस्तार होगा, वहीं स्टालों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इसी तरह यात्रियों के लिए टिकट लेना और आरामदायक करने के लिए रेलवे द्वारा स्टेशन परिसर से बाहर भी टिकट घर दिए जा सकेंगे। इसके लिए रेलवे द्वारा निर्धारित फीस ली जाएगी, यात्रियों को सुविधा होगी कि वे स्टेशन की बजाए बाहर से टिकट खरीद सकेंगे। जंक्शन पर ठहरती है 114 ट्रेनें रेलवे जंक्शन पर रोजाना 170 करीब ट्रेनें गुजरती है, इसमें मालगाड़ी के साथ यात्री ट्रेन शामिल है। प्रतिदिन 114 से अधिक ट्रेनों का ठहराव पानीपत में होता है। इसमें वंदे भारत, शताब्दी, जन शताब्दी, सुपरफास्ट, मेल एक्सप्रेस के अलावा पैसेंजर ट्रेन शामिल है।

अंबाला से जालंधर तीसरी रेल लाइन बिछेगी
रेलवे की ओर से अंबाला से जालंधर तक तीसरी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस योजना पर लगभग 3200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला किया है। इस योजना के तहत सर्वे पूरा करवा लिया है। रेलवे के निर्माण विभाग ने भी प्रस्ताव तैयार करके रेलवे बोर्ड के पास मान्यता के लिए भेज दिया है। नई लाइन के लिए हरियाणा और पंजाब में 20 से 30 फीट तक जालंधर से अंबाला की तरफ आने वाली पुरानी लाइन के साथ ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। दिल्ली से अंबाला और फिर अंबाला से लुधियाना-जालंधर तक लगभग 153 किमी का सर्वे किया गया।

यह है प्रोजेक्ट 
रेलवे अधिकारियों की ओर से दिल्ली-अंबाला रेल लाइन को बिछाने से पहले सर्वे किया गया, जिसके बाद यह पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसमें रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण को भी ध्यान में रखा गया है। पांच जिलों से यह रेल लाइन निकलेगी, वहां के कुल 32 स्टेशनों पर सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। इस नई रेल लाइन पर 29 पुल बनाए जाएंगे, जबकि पुराने पुलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। दावा है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 43 करोड़ किलो कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रुकेगा।

नई रेल लाइनों से ट्रेनें बढ़ेंगी
दो लाइनों के विस्तार किया जाएगा। सर्वे के लिए दिल्ली और अंबाला की टीमें कार्य कर रही हैं। नई रेल लाइनों से ट्रेनें बढ़ेंगी और ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी।
– रमेश चंद्र, स्टेशन अधीक्षक, पानीपत।

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