
जालंधर.
पंजाब में मार्च महीने में त्योहारों और ऐतिहासिक दिवसों के चलते कुछ सार्वजनिक छुट्टियों का एलान किया गया है. हाल ही में होली की छुट्टी के बाद अब 23 मार्च और 31 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा. इस दौरान सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और दूसरे सार्वजनिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी. हालांकि इस साल 23 मार्च को रविवार के दिन पड़ रहा है, लेकिन भारतीय इतिहास में यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक है, जिसे पूरे देश खासकर पंजाब में महत्त्वपूर्ण माना जाता है.
23 मार्च को मनाया जाता है शहीदी दिवस
23 मार्च को भारत के तीन महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 1931 में इसी दिन ब्रिटिश हुकूमत ने इन वीर सेनानियों को फांसी दी थी. उनकी शहादत को याद करने और नई पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरित करने के लिए यह अवकाश दिया गया है. इस मौके पर पंजाब के कई हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं, विशेष रूप से हुसैनीवाला, फिरोजपुर और शहीद भगत सिंह नगर में विशेष कार्यक्रम होते हैं.
31 मार्च को ईद-उल-फितर का पर्व
31 मार्च को पंजाब सरकार ने ईद-उल-फितर के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाने वाला यह त्योहार मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन लोग मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाइयां देते हैं. पंजाब में मल्टी-कल्चरल समाज होने के कारण सभी समुदाय इस त्योहार की खुशियों में शामिल होते हैं. मार्च के इन अवकाशों से जहां सरकारी और निजी कर्मचारियों को राहत मिलेगी, वहीं स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आराम का अवसर मिलेगा. इससे पहले भी मार्च में होली के अवसर पर अवकाश था, जिससे लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार का आनंद उठा सके. अब 23 मार्च और 31 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश मिलने से पंजाब के लोगों को और भी राहत मिलेगी.




