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जयपुर में कमर्शियल सिलेंडर का महा-धमाका, 25 दिन में 309 रुपये की भारी बढ़त, व्यापारियों में मचा हड़कंप

जयपुर
जयपुर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। हाल ही में हुई नवीनतम बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये हो गई है

जयपुर में कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा; 25 दिन में 309 रुपए तक बढ़ा दाम
जयपुर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। हाल ही में हुई नवीनतम बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये हो गई है, यानी 195 रुपये की ताजा वृद्धि दर्ज की गई है।

25 दिन में कुल 309 रुपये का इजाफा
पिछले 25 दिनों में यह सिलेंडर कुल 309 रुपये महंगा हो चुका है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन की चुनौतियां और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं। जनवरी 2026 से अब तक सिलेंडर की कीमतों में लगातार छोटे-बड़े बदलाव आए हैं, जिससे व्यापारियों और छोटे खाद्य व्यवसायों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

होटल और रेस्तरां प्रभावित
मार्च की शुरुआत से ही कई बार दामों में संशोधन किया गया। होटल, ढाबे, रेस्तरां और कैटरिंग कारोबार संचालकों ने बताया कि यह बढ़ी हुई लागत अब उन्हें अपने ग्राहकों पर डालनी पड़ रही है, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हो रहा है।

मार्च में हुई पिछली बढ़ोतरी
विशेष रूप से 7 मार्च 2026 को तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114 रुपये की वृद्धि की थी। उस समय 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1796.50 रुपये से बढ़कर 1911 रुपये हो गई थी। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में तनाव और हार्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सप्लाई चिंताओं के बीच आई थी।

घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल राहत
घरेलू सिलेंडर पर भी उसी दिन 60 रुपये का इजाफा हुआ था, लेकिन बाद में घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रही। फिलहाल 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 916 रुपये पर यथावत है, जो सब्सिडी वाले और गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत दे रही है।

व्यापारी और हलवाई प्रभावित
हालिया 195 रुपये की बढ़ोतरी के बाद व्यापारियों का कहना है कि प्लांट से खरीद मूल्य भी बढ़ गया है, जिससे उनका मार्जिन कम हो गया है। छोटे व्यापारियों और हलवाईयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। खासकर त्योहारों या सीजन के समय में जब मांग बढ़ जाती है, स्थिति और जटिल हो जाती है। कुछ लोग अब कोयला या अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

उपलब्धता पर संकट
जयपुर समेत राजस्थान के कई इलाकों में कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता भी संकटग्रस्त है। बाजार में सिलेंडर आसानी से नहीं मिल रहे हैं, और कुछ जगहों पर रिपोर्ट्स के अनुसार, आधिकारिक कीमत 1911 रुपये होने के बावजूद ब्लैक मार्केट में 2500 रुपये तक मांग की जा रही थी।

भविष्य की चुनौतियां
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और तेल की कीमतों में अस्थिरता लंबे समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए यह बढ़ती लागत एक स्थायी चुनौती बन सकती है। जबकि घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए फिलहाल कुछ राहत है, लेकिन भविष्य में वैश्विक तेल बाजार में कोई बड़ा बदलाव घरेलू दामों पर भी असर डाल सकता है।

महंगाई का सीधा असर
व्यापारी और उपभोक्ता दोनों ही इस बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। होटल और रेस्तरां संचालकों ने कहा कि अब हर चीज की कीमत पर नजर रखनी पड़ रही है और ग्राहकों को सही दाम में सेवा देने के लिए उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। छोटे व्यवसाय इस बढ़ी हुई लागत को अपने ग्राहकों पर डालने को मजबूर हैं, जिससे दैनिक जीवन में महंगाई का असर सीधे दिखाई दे रहा है।

घरेलू उपभोक्ताओं को मिली कुछ राहत
विशेषज्ञों की राय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन के स्थायित्व पर निर्भर करता है कि भविष्य में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें कितनी बढ़ेंगी। फिलहाल जयपुर और राजस्थान के व्यावसायिक उपभोक्ता पूरी तरह इस महंगाई की मार झेल रहे हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ता केवल फिलहाल थोड़ी राहत में हैं।

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