
चंडीगढ़.
हरियाणा सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए अच्छी योजनाएं निर्धारित करने का लक्ष्य निर्धारित होगा जिसको लेकर लगातार खेल विभाग के अधिकारियों को मंत्री गौरव गौतम की तरफ से दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। देश और प्रदेश में खेलों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए सरकार और खेल संस्थाएं अब युवा खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
नई योजनाओं के तहत स्कूल और जिला स्तर से ही प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है। भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को शुरुआती स्तर से ही सही प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना है। ‘टैलेंट सर्च प्रोग्राम’ के जरिए गांव और छोटे शहरों से उभरते खिलाड़ियों को चिन्हित किया जा रहा है। खेल मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं में खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में खेल को अनिवार्य बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा इसमें भाग ले सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही दिशा में निवेश और मार्गदर्शन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए अभी से युवा खिलाड़ियों की तैयारी शुरू कर दी गई है। युवा खिलाड़ियों पर बढ़ता फोकस न केवल देश के खेल भविष्य को मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को फिट और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा।




