मध्य प्रदेश

वन भूमि पर सख्ती: सीमांकन में उजागर हुआ अतिक्रमण का खेल

नरसिंहपुर
जिले के वन क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध बसाहट और वन भूमि के दुरुपयोग की मिल रही शिकायतों के बाद अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देश पर जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में वन सीमा रेखाओं का सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मानचित्र के साथ जंगलों में पहुंचकर सीमाओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान यह देखा जा रहा है कि किन-किन स्थानों पर वन भूमि का दुरुपयोग हो रहा है और कहां अतिक्रमण किया गया है।

बताया जा रहा है कि करेली और गाडरवारा वन परिक्षेत्र में यह अभियान तेज गति से चल रहा है। सत्यापन के दौरान कई स्थानों पर वन भूमि के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान कुछ स्थानों पर वन क्षेत्र के भीतर विद्युत ट्रांसफार्मर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। अब इसकी विस्तृत जांच कर विद्युत वितरण कंपनी से पत्राचार किया जाएगा कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि बिना अनुमति के स्थापना पाई जाती है तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि जिले में सघन वन क्षेत्र होने के बावजूद कई स्थानों पर वन भूमि का उपयोग खेती सहित अन्य कार्यों में किया जा रहा है। वन विभाग समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी करता रहा है, लेकिन अब व्यापक स्तर पर सीमा सत्यापन के जरिए स्थिति स्पष्ट करने और सख्ती से नियंत्रण करने की तैयारी है।

वनभूमि के दुरुपयोग से यह नुकसान
वन क्षेत्र घटने से जैव विविधता पर सीधा असर
वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित
पर्यावरण संतुलन बिगडऩे का खतरा
भूजल स्तर और जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव
भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका

वनक्षेत्र की सीमा लाइन का सत्यापन कार्य निरंतर चल रहा है। जहां भी अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने के पूर्व संबंधितों को नोटिस दिए जा रहे हैं। कुछ जगह वनभूमि में ट्रांसफार्मर मिलने की जानकारी सामने आई है, आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सुनील वर्मा, एसडीओ गाडरवारा वन विभाग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button