
चंडीगढ़.
पंजाब में धार्मिक स्थलों, सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) ने मोहाली से एक विदेशी आधारित आतंकी आपरेटिव के दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर एक आईईडी बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की साजिश नाकाम कर दी गई।
घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब के प्रमुख मंदिरों, पंजाब सचिवालय और न्यायिक अदालत परिसरों को ई-मेल के जरिए बम धमकियां मिली हैं। लगातार मिल रही धमकियों के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पंजाब पुलिस के अनुसार एसएसओसी की टीम ने मोहाली में कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सार्वजनिक महत्व के ढांचे को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस अब इस माड्यूल के विदेशी हैंडलरों, सहयोगियों और अन्य लिंक की जांच कर रही है।
कंट्रोल रूम में मिला ई-मेल
उधर, पंजाब सचिवालय के कंट्रोल रूम को गुरुवार को एक ई-मेल मिला, जिसमें परिसर में बम होने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सचिवालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। इसी तरह अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर, पठानकोट के मुक्तेश्वर मंदिर, जालंधर के देवी तालाब मंदिर, बठिंडा के मैसर मंदिर और पटियाला के काली देवी मंदिर समेत छह धार्मिक स्थलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद इन सभी स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अदालत परिसरों में आम लोगों की एंट्री पर रोक
धमकी भरे ई-मेल का असर न्यायिक परिसरों पर भी दिखाई दिया है। मोहाली जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आदेश जारी कर 5 जून तक मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी स्थित अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अदालतों में केवल मुकदमों से संबंधित पक्षकारों और आरोपितों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है, जबकि आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। आदेशों के अनुसार सभी प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सामान्य कामकाज शुरू होगा। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी किसी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क
लगातार मिल रही धमकियों और मोहाली में आईईडी बरामद होने की घटना को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी आतंकी या आपराधिक नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।




