राज्यहरियाणा

मॉनिटरिंग डिवाइस बंद मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग पर प्रदूषण बोर्ड का 25 लाख रुपये का जुर्माना

कैथल.

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण फैलाने वालों को लेकर गंभीर है। बोर्ड की तरफ से समय-समय पर जिले भर में चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया जाता है।
चीका स्थित 10 एमएलडी एसटीपी में आनलाइन मानिटरिंग डिवाइस काम नहीं कर रही थी।

इससे आनलाइन एसटीपी की पूरी रिपोर्ट तैयार होती है। विभाग की टीम भी आनलाइन देखरेख करती है। यह डिवाइस अक्टूबर 2025 से 23 जून 2026 तक बंद पाई गई थी। अब प्रदूषण बोर्ड की तरफ से संबंधित जन स्वास्थ्य विभाग को 25 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। जुर्माना लगाने के बाद फाइल मुख्यालय के पास भेज दी गई है।

एसटीपी पर आए सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बाहर छोड़ना होता है
नियम के अनुसार एसटीपी पर आए सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बाहर छोड़ना होता है। जांच के दौरान कई बार सामने आया था कि गंदे पानी को ड्रेनों में छोड़ा जा रहा था। कई जगहों पर तो इसी गंदे पानी को किसान सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। यही पानी जमीन के अंदर भी जा रहा है जो पीने के पानी के स्तर को भी दूषित कर रहा है।

जांच के दौरान पानी में बीओडी (बायोलाजिकल आक्सीजन डिमांड) यानी पानी में बैक्टीरिया की मात्रा जांची जाती है, इसके बाद पानी के सेंपल फेल आने पर कार्रवाई की जाती है। कैथल में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीन कुमार ने कहा किप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने चीका स्थित एसटीपी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर फाइल को मुख्यालय भेज दिया है। किसी भी प्रकार से प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button