खान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगा आपराधिक इतिहास का ब्योरा

पटना
खान ग्लाेबल स्टडीज के डायरेक्टर फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत एवं उनके दो गार्डों प्रदीप कुमार एवं तालेबर सिंह जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश कुमार देव ने करीब 40 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद पक्ष के वकील के आरोपों पर फैजल खान के आपराधिक इतिहास का ब्योरा कोर्ट ने मांगा।
खान के वकील बोले- उस मामले में बरी हो चुके हैं
खान सर के अधिवक्ता का कहना था कि उस केस में वे बरी हो गए हैं। इस पर अदालत ने अधिवक्ता को एक पूरक आवेदन देने को कहा और सुनवाई की तिथि 8 जुलाई को रखी है।
इससे पूर्व जिला जज के छुट्टी पर रहने के कारण खान सर और अन्य आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई की तिथि 7 जुलाई तय की गई थी।
इससे पहले 30 जून को कोर्ट ने हथियारों के डॉक्यूमेंट्स जमा करने का आदेश दिया था। उस दिन लोक अभियोजक ने कोर्ट में कहा था कि फैजल खान के दोनों गार्ड के पास अवैध हथियार थे।
30 जून को डॉक्यूमेंट्स जमा करने का दिया था निर्देश
दहशत फैलाने के उद्देश्य से 2 जून की रात फायरिंग की गई थी। बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने हथियारों के लाइसेंसी होने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया था कि दोनों के हथियार के दस्तावेज पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
इसके बाद कोर्ट ने हथियारों के डॅक्यूमेंट जमा करने को कहा था। तीन जुलाई सुनवाई की तिथि तय की थी। अब 7 जुलाई पर सबकी नजर टिक गई है।
2 जून की रात हुई थी फायरिंग
पुलिस जांच में सामने आया था कि जून की रात खान ग्लाेबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर पथराव और मारपीट के बाद चार राउंड गोली गार्डों ने चलाई थी।
फैजल खान के कहने पर ही गार्डों ने ऐसा किया था। इस आरोप में पूर्व में दर्ज एफआईआर में बाद में खान सर का नाम भी जोड़ा गया था।
उससे पूर्व ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद व उनके दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में वे जमानत पर बाहर आए।




