
चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने वायरल हेपेटाइटिस-बी और सी से पीड़ित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) के तहत राज्य में 10 नए वायरल हेपेटाइटिस उपचार केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद राज्य में उपचार केंद्रों की संख्या 26 से बढ़कर 36 हो जाएगी। मरीजों को अब अपने घर के नजदीक ही निःशुल्क जांच, रोग की पुष्टि, दवाइयां, परामर्श और नियमित फालोअप उपचार की सुविधा मिलेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नए केंद्र फरीदाबाद के ईएसआइसी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल, फतेहाबाद के रतिया और टोहाना, जींद के नरवाना, कैथल के गुहला, करनाल के असंध और नीलोखेड़ी, सिरसा के डबवाली और ऐलनाबाद तथा पानीपत के समालखा उपमंडल नागरिक अस्पताल में स्थापित किए जाएंगे। इससे विशेष रूप से उन जिलों के मरीजों को राहत मिलेगी जहां हेपेटाइटिस के मामले अधिक हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में पीजीआइएमएस रोहतक में एक माडल उपचार केंद्र, जिला नागरिक अस्पतालों में 22 तथा सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कालेजों में चार उपचार केंद्र संचालित हैं। भारत सरकार ने सभी 36 केंद्रों को मंजूरी दे दी है।
डा. मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की हेपेटाइटिस-बी जांच कराना जरूरी है, ताकि संक्रमण मां से नवजात तक न पहुंचे। यदि गर्भवती महिला संक्रमित पाई जाती है तो नवजात को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस-बी इम्यूनोग्लोब्युलिन (एचबीआइजी) और हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाया जाना चाहिए। यह सुविधा हरियाणा के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।




