मध्य प्रदेश

औद्योगिक क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को प्राथमिकता से करवाएं रोजगार उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में गुरूवार को विक्रम उद्योगपुरी का निरीक्षण कर औद्योगिक विकास एवं निवेश परियोजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने निरीक्षण में कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को प्राथमिकता पर रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिले। किसानों को औद्योगिक इकाइयों में आवश्यक फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो एवं उद्योगों को भी आवश्यकतानुसार कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, आधुनिक अधोसंरचना और निवेशकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण प्रदेश में उद्योगों का तेजी से विकास हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एमपीआईडीसी के कार्यपालक निदेशक  राजेश राठौड़ ने जिले में संचालित एवं प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं, औद्योगिक अधोसंरचना विकास, भूमि आवंटन तथा निवेश की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेसर्स पेप्सिको इंडिया लिमिटेड की अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 1,266 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस इकाई का वर्चुअल लोकार्पण किया गया था। इस परियोजना से लगभग 800 प्रत्यक्ष तथा बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक क्षेत्र में 50.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन हॉस्टल का भी निरीक्षण किया। यह आधुनिक आवासीय परिसर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत लगभग 1,500 महिलाओं को सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होने से प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ेगी तथा महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

उज्जैन कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में उज्जैन जिले में 246 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है। इनमें लगभग 16,150 करोड़ रुपये के निवेश तथा 14,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। लगभग 773 एकड़ क्षेत्र में विकसित विक्रम उद्योगपुरी में अब तक 94 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 6,480 करोड़ रुपये का निवेश अपेक्षित है। 360 एकड़ में विकसित मेडिकल डिवाइस पार्क में 74 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसमें लगभग 2,894 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए 488 हैक्टेयर भूमि पर विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 विकसित किया जा रहा है, जहां अल्केम लेबोरेट्रीज़, अडानी समूह एवं वॉल्वो आयशर जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन परियोजनाओं में लगभग 4,800 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जबकि 35 से अधिक अन्य औद्योगिक इकाइयों से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं।

कलेक्टर उज्जैन  सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन आईटी पार्क का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में मेसर्स बेस्ट लाइफ कॉर्पोरेशन तथा मेसर्स प्रतिभा स्वराज लिमिटेड द्वारा 315 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों, विशेष रूप से महिलाओं, को रोजगार प्राप्त होगा।

भ्रमण एवं निरीक्षण में स्थानीय विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  रवि सोलंकी, अध्यक्ष  संजय अग्रवाल, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  ओम जैन, संभागायुक्त  आशीष सिंह, पुलिस महानिरीक्षक  राकेश गुप्ता, पुलिस उपमहानिरीक्षक  नवनीत भसीन सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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