
जयपुर
राजस्थान सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक अगस्त 2026 से प्रदेशभर में खरीफ 2083 (2026-27) डिजिटल क्रॉप सर्वे प्रारम्भ करने जा रही है। यह सर्वे राज्य के 41 जिलों की 424 ऑनलाइन तहसीलों एवं 50,456 ऑनलाइन राजस्व ग्रामों में किया जाएगा।
शुक्रवार को निबन्धक, राजस्व मण्डल श्री महावीर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तहत एग्रीस्टेक-डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत फसल खरीफ सम्वत् 2083 की गिरदावरी के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण के साथ ही महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किये गये। वीसी में राज्य के समस्त जिलों के प्रभारी अधिकारी (भू.अभिलेख), समस्त तहसीलदार (भू.अ.), तकनीकी अधिकारी डीसीएस, कृषि आयुक्तालय के अधिकारी, सभी जिलों के रिसोर्स पर्सन, मास्टर्स ट्रेनर्स आदि उपस्थित रहे
निबंधक ने डिजिटल क्रॉप सर्वे में हर स्तर से अधिकाधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदारगण से कहा कि वे ऑनलाइन गिरदावरी कार्य की समय समय पर मॉनिटरिंग करें। साथ ही फिल्ड विजिट कर स्वयं किसानों से रूबरू होकर उन्हें ऑनलाइन गिरदावरी के लाभों से अवगत कराते हुए जागरूकता लायें। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी करने के निर्देश दिये।
4.62 करोड़ से अधिक ऑनलाइन खसरों की होगी गिरदावरी-
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत प्रदेश के 4.62 करोड़ से अधिक ऑनलाइन खसरों की नियमानुसार गिरदावरी की जाएगी। इनमें से लगभग 2.86 करोड़ कृषि योग्य खसरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए चिन्हित किया गया है, जहां 20 मीटर खसरा सीमा (Geo-fencing) के भीतर Geo-tagged फसल फोटो एवं डिजिटल सत्यापन के साथ गिरदावरी की जाएगी। शेष खसरों, जिनमें मुख्यतः सरकारी भूमि, गैर-कृषि भूमि एवं पड़त भूमि की सामान्य ई-गिरदावरी की जाएगी। पटवारी एवं प्राइवेट सर्वेयर के स्तर से राज खसरा गिरदावरी मोबाइल एप से ऑनलाइन गिरदावरी करने की सुविधा प्रदान की गई है।
किसानों की होगी सक्रिय भागीदारी
इस वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे में किसानों की प्रत्यक्ष भागीदारी को विशेष महत्व देते हुए राज्य सरकार ने डीसीएस हेतु लक्षित खसरों में से 25 प्रतिशत खसरों की गिरदावरी स्वयं किसानों द्वारा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे फसल संबंधी आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा किसानों की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। किसान स्वयं के मोबाइल पर राजकिसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर ऑनलाइन गिरदावरी कर सकेंगे।
पहली बार AI आधारित गुणवत्ता परीक्षण
खरीफ 2083 डिजिटल क्रॉप सर्वे में पहली बार Artificial Intelligence (AI) आधारित गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू की जा रही है। सर्वेक्षण के दौरान अपलोड किए गए फसल फोटोग्राफ एवं दर्ज फसल विवरण का AI के माध्यम से स्वतः विश्लेषण किया जाएगा। यह प्रणाली संभावित त्रुटियों, असंगतियों तथा अनुपयुक्त फोटोग्राफ की पहचान कर सर्वेक्षण की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
सेन्ट्रॉइड डिटेक्शन से बढ़ेगी सर्वे की सटीकता
खरीफ गिरदावरी में खसरे पर सेन्ट्रॉइड डिटेक्शन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सर्वेयर या पटवारी द्वारा गिरदावरी संबंधित खसरे के वास्तविक क्षेत्र और खसरे की दिशा में सही एंगल से फसल की फोटो लेते हुए गिरदावरी की जाये। यह तकनीक गिरदावरी की सटीकता, पारदर्शिता एवं प्रामाणिकता को और अधिक मजबूत बनाएगी।
कृषि योजनाओं के लिए बनेगा विश्वसनीय आधार
डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त आंकड़े फसल उत्पादन आकलन, कृषि सांख्यिकी, कृषि नीति निर्माण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक आपदा राहत तथा विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे।
राजस्व विभाग द्वारा सभी जिलों में सर्वेक्षण के सफल संचालन हेतु तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अधिकारियों एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, हेल्पडेस्क व्यवस्था तथा सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध डिजिटल क्रॉप सर्वे सफलतापूर्वक सम्पन्न किया जा सके।




