पंजाबराज्य

ब्यास के कमजोर तटों पर खर्च होंगे ₹32.09 करोड़, पंजाब सरकार ने विधानसभा में दी जानकारी

चंडीगढ़.

पंजाब में अमृतसर रोड स्थित ब्यास पुल से लेकर हरिके पत्तन तक ब्यास नदी के किनारे चिन्हित किए गए कमजोर स्थानों को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने 32.09 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए हैं। इनमें 12 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि एक कार्य अभी प्रगति पर है।

यह जानकारी जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सुल्तानपुर लोधी के विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह की ओर से नियम 66 के तहत उठाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में विधानसभा में दी। विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने सरकार का ध्यान ब्यास नदी के किनारों पर लगातार बने हुए कमजोर स्थानों की ओर दिलाया था। उन्होंने कहा था कि अमृतसर रोड स्थित ब्यास पुल से हरिके पत्तन तक कई स्थानों पर तटबंधों को मजबूत करने का काम अधूरा है या शुरू ही नहीं हुआ। पिछले पांच वर्षों में ब्यास में आई बाढ़ के कारण दोनों तरफ के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में किसानों को फिर बाढ़ आने की आशंका सता रही है।

ब्यास किनारे संवेदनशील स्थानों की जांच
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि सरकार ने ब्यास नदी के इस पूरे हिस्से में बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करवाई। संबंधित ड्रेनेज डिवीजनों ने विस्तृत सर्वेक्षण किए। इसके बाद सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों की समिति ने मौके पर निरीक्षण कर कमजोर स्थानों की पहचान की और तकनीकी उपाय सुझाए। मुख्य इंजीनियरों की उच्चस्तरीय समिति ने भी इन स्थानों का निरीक्षण कर कार्यों की प्राथमिकता तय की। सरकार के अनुसार ब्यास के किनारे अमृतपुर, भरौआणा, शेख मांगा, सरूपवाल, भागो, आलूवाल, लोधीवाल, यूसफपुर दरवाल, तकिया, गिद्दड़पिंडी, बाऊपुर आइलैंड, आहली खुर्द, आहली कलां, मनसूरवाल, बुताला, ढिलवां, गोइंदवाल, वैरोवाल, हंसावाला, घड़का और मरड़ को संवेदनशील स्थानों के रूप में चिन्हित किया गया।

कटाव रोकने के लिए किए कार्य
अमृतपुर राजेवाल में ब्यास के कटाव को रोकने के लिए स्टड, रिवेटमेंट और स्पर बनाने के कार्य पूरे किए गए हैं। कपूरथला में ब्यास के बाएं किनारे बाढ़ जोखिम कम करने का कार्य भी पूरा हो चुका है। गोइंदवाल बांध तथा वैरोवाल और गाइड बांध को ऊंचा और मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त एडवांस बांध नंबर-दो और सुज्जो कालिया एडवांस बांध की बहाली और मजबूती का काम भी पूरा किया गया।

मनरेगा से बाढ़ रोधी कार्य पूरे
इसके अलावा ढिलवां के ऊपर की ओर बाढ़ सुरक्षा ढांचे की क्षतिग्रस्त ढलानों को मजबूत किया गया है। घड़का में ब्यास के दोनों किनारों पर रिवेटमेंट का काम पूरा हो चुका है। मरड़ में ब्यास के दाएं किनारे 360 फुट लंबा रिवेटमेंट बनाने का काम अभी चल रहा है। सरकार ने मनरेगा के तहत भी 11.98 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा और कटाव रोकू कार्य करवाए हैं। ये कार्य आहली कलां, आहली खुर्द, सफदरपुर-खिजरपुर और घड़का के आसपास किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि पिछले पांच बाढ़ सीजन में इस हिस्से के किसी भी बाढ़ सुरक्षा बांध में दरार नहीं पड़ी। सरकार का दावा है कि इन कार्यों से ब्यास किनारे बसे गांवों और कृषि भूमि की भविष्य में बाढ़ से सुरक्षा मजबूत हुई है।

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