भागलपुर को बड़ी सौगात: रेलवे ओवरब्रिज को मिली तकनीकी मंजूरी, अगले साल तक होगा तैयार

भागलपुर.
भागलपुर शहर सहित बाइपास को जोड़ने वाले भागलपुर-गोराडीह मार्ग में बौंसी रेल पुल संख्या-टू पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए रेलवे ने बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन को मंजूरी दे दी है। पूर्व रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर (CBE) ने मंजूरी दी है। इस स्वीकृति के साथ इस परियोजना के तकनीकी पहलू को हरी झंडी मिल गई है।
बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन में पुल पर पड़ने वाले भार और दबाव का आकलन किया जाता है। अभियंता (Engineer) यह सुनिश्चित करते हैं कि संरचना ट्रेन के दबाव को सुरक्षित रूप से सह सके। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे ब्रिज में लगे बेयरिंग का काम पुल पर पड़ने वाले भार को सुरक्षित तरीके से नीचे तक पहुंचाना होता है। इसके लिए अभियंता यह गणना करते हैं कि ट्रेन गुजरने के दौरान कितना दबाव पड़ेगा और क्या संरचना उसे सुरक्षित रूप से संभाल सकती है। इस कैलकुलेशन के सही पाये जाने के बाद ही निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाता है।
2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य
इधर, रेलवे की मंजूरी से परियोजना की सुरक्षा और मानकों की पुष्टि भी हो गई है। यह स्वीकृति परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी चरण माना जा रहा है। रेलवे की मंजूरी मिलने से अब ROB निर्माण कार्य को गति मिलेगी। पांचवें पिलर को खड़े करने का काम चल रहा है। पिलर के कैब की ढलाई की गई है। अब तक 30 प्रतिशत फाउंडेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह कार्य शत प्रतिशत पूरा होने के बाद सब स्ट्रक्चर व सुपर स्ट्रक्चर का कार्य कराया जाएगा। 2027 तक आरओबी का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
शहर की कनेक्टिविटी में होगा सुधार
मिरजानहाट शीतला स्थान से भीखनपुर गुमटी नंबर तीन के बीच बन रहे भोलानाथ फ्लाइओवर से यह आरओबी जुड़ेगा। कचहरी चौक से भोलानाथ आरओबी होते हुए बाइपास तक सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। जिससे लोगों को बिना किसी परेशानी के कचहरी चौक से बाइपास रोड तक पहुंचना आसान होगा। इसके साथ ही आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा और मुख्य शहर से दक्षिणी इलाके की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो जाएगी।




