लखनऊ में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को मिली कैबिनेट मंजूरी, कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज संरक्षण और फ्लाईओवर निर्माण से मिलेगी नई पहचान

लखनऊ में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को मिली कैबिनेट मंजूरी, कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज संरक्षण और फ्लाईओवर निर्माण से मिलेगी नई पहचान
इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के लिए पुनरीक्षित लागत को कैबिनेट स्वीकृति, लखनऊ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन स्थल
रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को पर्यटन की दृष्ट से किया जाएगा विकसित, दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण को कैबिनेट मंजूरी
लखनऊ
लोकभवन में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुनियादी ढांचे, हेरिटेज संरक्षण और यातायात व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में लखनऊ के वृन्दावन योजना सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही कैबिनेट फैसलों में राजधानी के ऐतिहासिक घरोहर के संरक्षण के उद्देश्य से रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को ‘एडाप्टिव रि-यूज’ के तहत पीपीपी मॉडल पर विकसित करने और परिवहन सुविधा के लिए दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण करने की परियोजना की स्वीकृति शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजधानी लखनऊ में नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट ने लखनऊ की वृन्दावन योजना, सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए पहले 1297.42 करोड़ रुपये की लागत को स्वीकृत किया था, लेकिन निविदा प्रक्रिया के दौरान लागत अधिक आने के कारण इसे संशोधित कर 1435.25 करोड़ रुपये को मंजूर दी गई है। इस लागत में जीएसटी, लेवी, कंटीजेंसी और सुपरविजन चार्ज सहित अन्य खर्च भी शामिल हैं। ईपीसी मोड पर बनने वाले इस अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर में 10,000 लोगों की क्षमता वाला विशाल कन्वेंशन हॉल और 2,500 लोगों की क्षमता का ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। साथ ही बड़े स्तर पर पार्किंग की सुविधा और सुरक्षा मानकों के अनुरूप भीड़ नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर का निर्माण प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिफेंस एक्सपों जैसे आयोजनों के स्थल के रूप में की जा रही है। कन्वेंशन सेंटर के आसपास 5-स्टार और बजट होटल विकसित करने की भी योजना है, जिससे देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को बेहतर आवास सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, यहां आयोजित होने वाले आयोजनों के दौरान भारी उपकरणों, मॉडलों के प्रदर्शन की भी व्यवस्था होगी। यह परियोजना लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आयोजन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसी क्रम में योगी सरकार की ने लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को ‘एडाप्टिव रि-यूज’ के तहत सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने को कैबिनेट ने मंजूर प्रदान की है। इसके लिए इन भवनों से संबंधित भूमि का स्वामित्व पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव किया गया है। इन ऐतिहासिक इमारतों को हेरिटेज पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित कर राज्य में पर्यटन को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भूमि हस्तांतरण अपवादस्वरूप किया जा रहा है और इसे भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा।
साथ ही लखनऊ की यातायात समस्या के समाधान के लिए भी एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस क्रम में लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित दुबग्गा चौराहे पर 1,811.72 मीटर लंबा तीन लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 305.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसे कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। दुबग्गा चौराहा लखनऊ शहर का एक प्रमुख यातायात केंद्र है, फ्लाईओवर के निर्माण से इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि ये सभी परियोजनाएं लखनऊ को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यटन के दृष्टिकोण से आकर्षक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।




