मध्य प्रदेश

वायरल गर्ल मोनालिसा केस में नया मोड़, सीरिया भेजने की साजिश का शक; पासपोर्ट रद्द करने की मांग

खरगोन

कुंभ मेले में माला बेचते हुए चर्चित हुई जिले के महेश्वर की मोनालिसा के केरल में फरमान खान से शादी के बाद पूरा परिवार सकते में है। वहीं यह विवाह विवादों के साथ ही युवती की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के बेटी को बरगला कर विवाह करने व चोरी-छुपे विदेश भेजने की चल रही शिकायत के बाद अब जनप्रतिनिधि भी चिंतित नजर आ रहे हैं। गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे के साथ महेश्वर विधायक राजकुमार मेव व बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने एसपी रविंद्र वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान मोनालिसा के परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज करने की मांग की गई।

पासपोर्ट निरस्त करने और फर्जी दस्तावेजों की जांच पर जोर

मोनालिसा को सीरिया भेजे जाने की तैयारी की जानकारी लगातार सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में उसका पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने बताया मोनालिसा के पासपोर्ट बनवाने में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है, जिसकी जांच जरूरी है। इस तरह फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जाए, जिससे देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों की पहचान हो सके। जनप्रतिनिधियों ने उक्त शादी को सुनियोजित 'लव-जिहाद' करार दिया।

दावा: नाबालिग है मोनालिसा, लालच देकर ले गया फरमान

विधायक मेव ने कहा परिवार के अनुसार मोनालिसा नाबालिग है। फरमान उसे फिल्मों में काम देने का लालच देकर केरल ले गया। वहां उसे डरा-धमकाकर शादी की। बगैर परिवार की सहमति और नाबालिग से विवाह करना गैरकानूनी है। विधायक मेव ने एसपी से कहा कि "मेरी विधानसभा की गरीब परिवार की बेटी है। परिवार चिंतित है। मोनालिसा को परिवार से मिलवाया जाए।" विधायक मेव, विधायक बिरला और जिलाध्यक्ष ब्राह्मणे ने कहा कि यह सारा घटनाक्रम लव जिहाद जैसी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ा नजर आ रहा है।

कानूनी कार्रवाई और विवाह की वैधता पर उठाए सवाल

विधायक द्वय ने कहा हम किसी दूसरे धर्म में शादी के खिलाफ नहीं, लेकिन शादी से पहले न तो फरमान ने धर्म परिवर्तन किया, न ही मोनालिसा ने। ऐसी स्थिति में यह शादी मान्य नहीं होती। साथ ही गैर हिन्दू व्यक्ति के मंदिर में शादी करना हिन्दू धर्म का अपमान है। इस शादी में शामिल लोगों और शादी की अनुमति देने वालों को भी दोषी बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों ने मामले में तेजी से जांच करने की मांग की है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button