
बठिंडा
पिछले साल बठिंडा में हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी हत्याकांड मामले में वांटेड अमृतपाल मेहरो को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है।
बठिंडा में जून 2025 में इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की सनसनीखेज हत्या मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उसे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से डिपोर्ट (Deport) कर भारत लाया गया, जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई एयरपोर्ट) पर 10 अप्रैल 2026 की सुबह उसे गिरफ्तार किया गया।
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग के तहत ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित की लोकेशन को ट्रेस कर उसके खिलाफ एक्सट्राडिशन प्रक्रिया शुरू की गई थी।
जानकारी के अनुसार, 11 जून 2025 को आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कंचन कुमारी का अपहरण किया और उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बठिंडा के आदेश अस्पताल के पास खड़ी कार में छोड़ दिया गया था। इस मामले में शामिल अन्य तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
हत्या के बाद मुख्य आरोपित देश छोड़कर फरार हो गया था और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता हासिल की।
पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि संगठित अपराध और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जून में कार में मिला था शव
सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की बठिंडा में पिछले साल जून में हत्या कर दी गई थी। चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की पार्किंग में खड़ी गाड़ी से उनका शव मिला था। कंचन कुमारी का इंस्टाग्राम पर कमल काैर भाभी नाम से अकाउंट था। कंचन कुमारी लक्ष्मण बस्ती, लुधियाना की रहने वाली थी। वह नाै जून को अपनी मां को कहकर निकली थी कि वह बठिंडा में प्रमोशनल इवेंट के लिए जा रही है।
तीन माह की रेकी के बाद की थी हत्या
मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की हत्या के लिए तीन माह से अमृतपाल महरों और उसके साथी रेकी कर रहे थे। कुछ दिन अमृतपाल अपने साथियों समेत कंचन के घर पास एक होटल में भी रुका रहा था। इतना ही नहीं अमृतपाल दो बार कंचन के घर भी गया था, लेकिन वो घर पर नहीं मिली थी।
जब ऐसे बात न बनी तो फिर अमृतपाल ने 8 जून को कंचन से संपर्क करके कहा कि उसे कार की प्रमोशन करने के लिए बठिंडा आना है। इसके बाद कंचन उर्फ कमल कौर 9 जून को लुधियाना से अपनी कार से बठिंडा पहुंची। जहां पर अमृतपाल महरों, जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह तीनों कंचन को मिले और उसकी गाड़ी में बैठ गए। पहले तीनों आरोपियों ने भुच्चो के समीप एक गैरेज से कंचन की गाड़ी रात के साढ़े 12 बजे तक ठीक करवाई और फिर अपनी स्कॉर्पियो को एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करके कंचन को साथ लेकर उसी की गाड़ी में चारों सवार हो गए। आरोपियों द्वारा किए खुलासे के अनुसार अमृतपाल महरों कंचन की गाड़ी चला रहा था। जसप्रीत और निमरतजीत कंचन के साथ कार की पिछली सीट पर बैठे थे।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमृतपाल के कहने पर सबसे पहले उन्होंने कंचन के दोनों मोबाइल ले लिए और उससे पासवर्ड मांगा जब उसने पासवर्ड नहीं बताया तो अमृतपाल के कहने पर कंचन से दोनों ने मारपीट की। इसके बाद कमर कस्सी से दोनों ने एक सुनसान जगह पर गाड़ी में ही कंचन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
मां बोली-अब इंसाफ की उम्मीद
कंचन कुमारी की मां ने कहा कि अब उनको इंसाफ की उम्मीद जग गई है। उन्होंने मांग की कि उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं, एक की शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मेरा बहुत ख्याल रखती थी।




