बिहार के सहकारी बैंकों में बड़ा डिजिटल बदलाव, जल्द शुरू होगी मोबाइल बैंकिंग सेवा

पटना
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से बिहार राज्य सहकारी बैंक और भभुआ जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करने का लाइसेंस जल्द मिलेगा। साथ ही, सहकारी बैंकों की शाखाओं का विस्तार करने पर भी सहमति बनी है।
पहले चरण में पटना एम्स की बैंक शाखा के अलावा मगध, आरा, सासाराम, मुंगेर-जमुई, बेगूसराय एवं सुपौल जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में नई शाखाएं खोलने का निर्देश दिया गया। बुधवार को सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों के कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी।
थम्ब इम्प्रेशन से ग्राहकों को भुगतान की सुविधा
उन्होंने सहकारी बैंकों को पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक, डिजिटल एवं ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवा प्रदाता के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही एक माह में व्हाट्सएप बैंकिंग, तीन माह में मोबाइल बैंकिंग और नवंबर तक थम्ब इम्प्रेशन से ग्राहकों को भुगतान की सुविधा देने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि सहकारी बैंकों में नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए तथा विशेष कैंप एवं जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों के खाते खोले जाएं। बैठक में 4477 पैक्सों का पूरी तरह डिजिटल करने का भी निर्णय लिया गया।
यूवी लैंप एवं बीआईएस मानक के अनुरूप नोर्ट शार्टिंग मशीन
नकली भारतीय कैरेंसी की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों तथा बिहार राज्य सहकारी बैंक की सभी संबंधित शाखाओं में यूवी लैंप एवं बीआईएस मानक के अनुरूप नोर्ट शार्टिंग मशीन तत्काल स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सचिव धर्मेन्द्र सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक अरविन्द कुमार पासवान समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।




