राज्यहरियाणा

फर्जी नियुक्ति पत्र और मोहरों से परिवार से ठगे 9 करोड़, केस दर्ज

 बराड़ा
 बराड़ा थाना में फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली सरकारी मोहरें और गैस एजेंसी में हेराफेरी के जरिए उगाला गांव के परिवार से करीब 9 करोड़ ऐंठने का मामला सामने आया है।

शिकायतकर्ता के परिवार की कई एकड़ जमीन बिकवाकर जहां करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए, वहीं फर्जी साइन कर खातों से लाखों रुपये भी निकाले गए। यह सारा खेल महिला व उसके प्रेमी ने मिलकर खेला। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने इसकी जांच की तो सारी परतें खुलकर सामने आ गईं।

अब बराड़ा थाना पुलिस ने तरणप्रीत सिंह निवासी उगाला की शिकायत पर अनुप्रीत कौर व साहित व अन्य के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू की है।

ऐसे फंसाया जाल में
गांव उगाला निवासी तरणप्रीत सिंह ने बताया कि कि मार्च 2018 में उसका विवाह अनुप्रीत कौर के साथ सिख रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह से पहले उसे बताया गया था कि उसकी पत्नी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रही है और भविष्य में उच्च सरकारी अधिकारी बनेगी।

यह दावा पूरी तरह झूठा निकला और इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसके परिवार को करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि पहुंचाई गई। विवाह के समय शिकायतकर्ता का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था।

परिवार के पास लगभग 13 एकड़ कृषि भूमि और गांव उगाला में गैस एजेंसी थी। आरोप है कि विवाह के बाद पत्नी और उसके परिजनों ने जमीन खरीदने, व्यापार में निवेश कराने, रिश्तेदारों की कंपनियों में पैसा लगाने तथा बड़े मुनाफे का लालच देकर परिवार का विश्वास जीता।

इन प्रलोभनों में आकर शिकायतकर्ता के परिवार ने लगभग 10 एकड़ भूमि बेच दी और समय-समय पर करीब 5 करोड़ रुपये आरोपितों को दे दिए, लेकिन न तो कोई निवेश हुआ और न ही कोई धनराशि वापस मिली।

नियुक्ति के फर्जी लेटर जारी किए
शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2022 से मई 2026 तक आरोपियों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उसे ई-मेल के माध्यम से फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र, सिक्योरिटी क्लीयरेंस, मंत्रालयों के लेटरहेड, सरकारी मोहरों वाले नकली दस्तावेज और अन्य जाली कागजात भेजे।

इन दस्तावेजों के जरिए शिकायतकर्ता को विश्वास दिलाया गया कि उसकी पत्नी आयकर विभाग में उच्च अधिकारी नियुक्त हो चुकी है तथा सरकारी प्रक्रिया और सुरक्षा मंजूरी के नाम पर करोड़ों रुपये जमा करवाने होंगे।

इसी प्रकार शिकायतकर्ता को भी सरकारी नौकरी लगने का झांसा देकर सेक्टर-17 चंडीगढ़ में नियुक्ति का फर्जी पत्र भेजा गया और 15 जुलाई 2026 को ज्वाइनिंग की बात कही गई। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर उससे लगभग 3 करोड़ रुपये और ले लिए गए।

यही नहीं आरोपित महिला ने शिकायतकर्ता की बहन के बैंक खातों के चेकों और दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर लगभग 40 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। इसके अलावा गैस एजेंसी से जुड़े दस्तावेजों में भी जालसाजी कर फर्जी लीज डीड तैयार की गई और एजेंसी के अधिकारों में हेराफेरी की गई।

एजेंसी के नाम पर एक करोड़ की हेराफेरी
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी महिला गैस एजेंसी का नकद लेन-देन अपने नियंत्रण में रखती थी और इसी दौरान एजेंसी के खातों से करीब एक करोड़ रुपये का गबन किया गया।

आरोप है कि यह राशि कथित रूप से अन्य आरोपितों के माध्यम से इधर-उधर कर ऋण के रूप में दर्शाई गई और बाद में फर्जी चेकों के जरिए भुगतान दिखाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पत्नी लंबे समय तक सरकारी ड्यूटी और नाइट शिफ्ट का बहाना बनाकर घर से बाहर रहती थी।

बाद में जानकारी मिली कि उसके कथित रूप से साहिल रोठान के साथ अवैध संबंध थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे दोनों के विवाह का वीडियो भी मिला है, जबकि पत्नी ने उससे कानूनी रूप से तलाक नहीं लिया था।

खातों की पुलिस कर रही जांच
पुलिस अब बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल काल डिटेल रिकॉर्ड, ई-मेल, व्हाट्सएप चैट, गैस एजेंसी के दस्तावेज, संपत्ति के लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच करेगी।

इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि किन खातों और संपत्तियों में लगाई गई तथा क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी की है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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