छत्तीसगढ़

रायपुर समेत पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

रायपुर

राजधानी में रविवार को बारिश ने एक बार फिर जोरदार दस्तक दी।रायपुर शहर में 120 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी और रायपुर व मुंगेली जिले में एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज की गई। रविवार की बारिश का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दिया।

कई अन्य स्थानों पर सात सेंटीमीटर तक बारिश

पथरिया में 160 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रायपुर शहर में 120, लोरमी में 110, लभांडी और लालपुर थाना क्षेत्र में 100-100 मिलीमीटर बारिश हुई। भाटापारा, मुंगेली और सिमगा में 90-90 मिलीमीटर, तखतपुर और जांजगीर में 80-80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। डोंगरगढ़, पोंडी बचरा, करपावंड, मान-रायपुर और कई अन्य स्थानों पर सात सेंटीमीटर तक बारिश हुई।

गिरा तापमान

लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट रही। रायपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है। एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

प्रदेश में कई जगह भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई। अंबिकापुर में सर्वाधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रारोड में 22.4 डिग्री रहा। बिलासपुर में 53, दुर्ग में 40.8, अंबिकापुर में 35.7 और जगदलपुर में 35.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

आज भी गरज-चमक के साथ बारिश

10 अगस्त को प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी है। रायपुर में आकाश सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बारिश के पीछे दो मौसमी प्रणालियां

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका भी इसी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

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