बिहार-झारखंडराज्य

बिहार और यूपी के निवेशकों का शेयर बाजार पर बढ़ा सबसे ज्यादा भरोसा

पटना
देश में म्यूचुअल फंड निवेश तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन निवेश की पसंद को लेकर राज्यों के बीच दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। जहां महाराष्ट्र, दिल्ली और दक्षिण भारत के कई राज्यों के निवेशक अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले डेट फंड को तरजीह दे रहे हैं, वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश के निवेशकों ने शेयर बाजार पर बड़ा भरोसा जताया है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक बिहार और यूपी के निवेशकों के म्यूचुअल फंड निवेश का करीब 70 फीसदी हिस्सा इक्विटी यानी शेयर बाजार आधारित फंडों में जा रहा है। यह देश के बड़े और विकसित राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है।

रिस्क लेने में सबसे आगे बिहार और यूपी के निवेशक
बिहार के निवेशकों का 71 फीसदी और उत्तर प्रदेश के निवेशकों का 70 फीसदी निवेश इक्विटी फंड में है। राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के निवेशक भी इसी राह पर चलते दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन राज्यों के निवेशक लंबी अवधि में अधिक रिटर्न की उम्मीद के साथ शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि इक्विटी निवेश का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र को डेट फंड पर ज्यादा भरोसा
दूसरी तरफ महाराष्ट्र, नई दिल्ली, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों के निवेशक अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। महाराष्ट्र के निवेशकों का बड़ा हिस्सा डेट फंड में निवेश कर रहा है।

डेट फंड में निवेश के मामले में महाराष्ट्र देश में सबसे आगे है। इसके पीछे स्थिर आय, पूंजी सुरक्षा और कम जोखिम को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

विकसित राज्यों और उभरते राज्यों की सोच में फर्क
निवेश के इस ट्रेंड ने एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों के निवेशक जहां पूंजी संरक्षण और स्थिर रिटर्न को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं बिहार और यूपी जैसे राज्यों के निवेशक अधिक रिटर्न के लिए जोखिम उठाने को तैयार हैं।

बाजार विशेषज्ञ इसे निवेशकों की बदलती मानसिकता और वित्तीय जागरूकता का संकेत मान रहे हैं। खासकर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले नए निवेशक तेजी से शेयर बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

प्रति व्यक्ति निवेश में अभी भी महाराष्ट्र सबसे आगे
हालांकि कुल और प्रति व्यक्ति म्यूचुअल फंड निवेश के मामले में महाराष्ट्र अभी भी देश में शीर्ष पर बना हुआ है। इसके बाद कर्नाटक, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों का स्थान आता है।

बिहार और यूपी में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन प्रति व्यक्ति निवेश के मामले में इन राज्यों को अभी लंबा सफर तय करना है।

क्या बदल रही है भारत के निवेशकों की तस्वीर?
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और आसान निवेश विकल्पों ने छोटे शहरों तक शेयर बाजार की पहुंच बढ़ाई है। इसका असर अब निवेश के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है।

बिहार और यूपी के निवेशकों का इक्विटी बाजार की ओर बढ़ता झुकाव इस बात का संकेत है कि देश के पारंपरिक निवेश पैटर्न में तेजी से बदलाव हो रहा है और आने वाले वर्षों में यह ट्रेंड और मजबूत हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button