
जालंधर.
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सापला बहाबल कल मामले में पंजाब सरकार की गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सामने पेश होने के लिए गए हैं। जालंधर के पीएपी कैंपस में जांच टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है।
विजय सांपला ने सर्किट हाउस में अपने समर्थन के साथ इस पर चर्चा की और उसके बाद मार्च के रूप में पीएपी कैंपस के लिए निकले हैं। विजय सांपला ने कहा कि पंजाब सरकार भारतीय जनता पार्टी के पंजाब में बढ़ते कदमों को रोकने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को कई साल पहले ज्ञापन देकर जांच की मांग की थी। संभवत इस ज्ञापन के सिलसिले में उन्हें बुलाया गया है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, सांपला को पूछताछ और अपना बयान दर्ज कराने के लिए जालंधर में पंजाब सशस्त्र पुलिस परिसर में पेश होने के लिए कहा गया है।
नोटिस में कहा गया कि एसआईटी का मानना है कि सांपला मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से वाकिफ हैं और चेतावनी दी गई है कि आदेश न मानने पर कानून के लागू प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए, सांपला ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करना चाहते हैं और उन्होंने पेश होने की तारीख का समय आगे बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है।
आधिकारिक समन दस्तावेज पर हाथ से लिखे नोट में, सांपला ने संगठन से जुड़े पहले से तय कामों का हवाला दिया।
उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अभी राज्य के आधिकारिक दौरे पर हैं और उनका वहां मौजूद रहना जरूरी है। सांपला ने कहा, ‘‘भले ही इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जब अगली तारीख तय हो जाएगी, तो मैं उनके मन में मौजूद किसी भी शक को दूर करने के लिए जरूर पेश होऊंगा।’’




