छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में अभी जारी रहेगा मानसून, बिलासपुर में सामान्य से ज्यादा बारिश; 11 सितंबर से फिर अलर्ट

 बिलासपुर
 जिले में इस साल मानसून ने अच्छी दस्तक दी है। पांच सितंबर तक बिलासपुर में औसत वर्षा 943.5 मिमी दर्ज की गई है। यह पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के 900.7 मिमी औसत से 42.8 मिमी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सामान्य औसत की 104.8 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है।

943.5 मिमी पहुंची औसत वर्षा
भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार एक जून से पांच सितंबर तक जिले में कुल 11322.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसका औसत 943.5 मिमी रहा, जबकि पिछले दस वर्षों की इसी अवधि का औसत 900.7 मिमी है। यानी इस बार मानसून ने सामान्य आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

तहसीलवार आंकड़ों में भी बारिश का अलग-अलग असर देखने को मिला है। बिलासपुर तहसील में 1178.0 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो दस वर्षीय औसत 943.6 मिमी से करीब 24.8 प्रतिशत अधिक है। बोदरी में 1027.8 मिमी, सकरी में 1075.8 मिमी और रतनपुर में 1008.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत कोटा तहसील में 763.8 मिमी वर्षा हुई, जो यहां के दस वर्षीय औसत 881.8 मिमी से कम है।

सितंबर में कमजोर पड़ सकता है मानसून 
मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार मानसूनी तंत्र अभी सक्रिय बना हुआ है, लेकिन इसकी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। माहांत तक मानसून कमजोर होने का अनुमान है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े के बाद राजस्थान से मानसून की वापसी की गतिविधियां सक्रिय होने के साथ बिलासपुर में भी मानसून के कमजोर पड़ने का दौर तेज हो सकता है।

फिलहाल बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। 11 सितंबर से बिलासपुर में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।

दस साल में सितंबर की बारिश ने बदला रंग
बिलासपुर में सितंबर की वर्षा का रिकॉर्ड बताता है कि इस महीने मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है। वर्ष 2016 में सितंबर में कुल 176.7 मिमी बारिश हुई थी। 2017 में यह 115.7 मिमी और 2018 में केवल 86.7 मिमी रही। वर्ष 2019 में सितंबर की बारिश बढ़कर 341.9 मिमी पहुंच गई।

वर्ष 2020 में 139.5 मिमी, 2021 में 268.6 मिमी और 2022 में 178.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। वर्ष 2023 में सितंबर में 493 मिमी बारिश के साथ उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला।

24 घंटे की बारिश में भी रहा उतार-चढ़ाव
सितंबर में 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के आंकड़े भी मौसम की अस्थिरता बताते हैं। वर्ष 2016 में सर्वाधिक 24 घंटे की बारिश 48 मिमी रही। 2018 में यह केवल 29.6 मिमी थी। वर्ष 2019 में 52 मिमी और 2020 में 54 मिमी बारिश दर्ज हुई। 2022 में 24 घंटे में 50.4 मिमी बारिश हुई। वर्ष 2023 में सितंबर के दौरान 24 घंटे में 135.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस दशक की असाधारण घटनाओं में शामिल रही।

मानसून कमजोर होगा, बारिश तत्काल बंद नहीं
मानसून की गतिविधियों में कमी आने का मतलब यह नहीं है कि बारिश अचानक पूरी तरह बंद हो जाएगी। मौसम तंत्र कमजोर होने के दौरान स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कुछ स्थानों पर वर्षा की संभावना बनी रह सकती है। इस वर्ष जिले के लिए राहत की बात यह है कि औसत वर्षा सामान्य से ऊपर पहुंच चुकी है। आगे होने वाली बारिश से मिट्टी में नमी, जलस्रोतों और खरीफ फसलों को अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है।

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