
अंबाला
ट्रेन में कंबल-तकिया साफ मिला या नहीं, टॉयलेट की हालत कैसी थी और डिब्बे में सफाई हुई या नहीं अब रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था का फीडबैक सीधे यात्री देंगे।
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत रेलवे ने ट्रेनों में सफाई व्यवस्था की औचक जांच से लेकर यात्रियों की प्रतिक्रिया लेने तक की पूरी व्यवस्था तैयार की है। देश में रोजाना दो करोड़ से अधिक यात्रियों के रेल से सफर करने के बीच रेलवे का जोर अब सफाई को सिर्फ कर्मचारी की जिम्मेदारी रखने के बजाय यात्री को भी अभियान का हिस्सा बनाने पर है
चलती ट्रेनों में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (ओबीएचएस) के पर्यवेक्षक और संबंधित ठेकेदार शौचालय, यात्री डिब्बों, लिनेन और पेंट्री कार की औचक जांच करेंगे। एसी कोच में यात्रियों को दिए जाने वाले चादर, कंबल और तकिये की सफाई पर भी नजर रहेगी। यात्रियों से सफाई व्यवस्था और उपलब्ध कराए गए लिनेन को लेकर फीडबैक लिया जाएगा
रेलवे ने अभियान को ट्रेनों और स्टेशनों तक सीमित न रखकर स्वच्छता शपथ को जनभागीदारी का आधार बनाने की तैयारी की है। दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर शपथ दिलाई जाएगी। शपथ में हर व्यक्ति ‘न गंदगी करूंगा, न करने दूंगा’ के संकल्प के साथ स्वच्छता की शुरुआत खुद से, परिवार, मोहल्ले, गांव-शहर और कार्यस्थल से करने का वचन लेगा।
अफसरों की भी तय होगी जिम्मेदारी
रेलवे बोर्ड से लेकर जोन, मंडल और स्टेशन स्तर तक अधिकारियों की भूमिका तय की गई है। डीआरएम स्तर पर अभियान की निगरानी, ट्रैक-यार्ड की सफाई, स्टेशन प्रबंधन और ट्रेनों में ओबीएचएस व्यवस्था की जांच के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
एक अक्टूबर को बड़े स्तर पर श्रमदान और दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के कार्यक्रम होंगे। यानी इस बार रेलवे की स्वच्छता मुहिम में झाड़ू भी चलेगी, शपथ भी होगी और यात्री की जुबान से सफाई की असली रिपोर्ट भी सामने आएगी।
हर व्यक्ति 100 लोगों को जोड़ेगा
स्वच्छता शपथ में प्रत्येक व्यक्ति से साल में 100 घंटे यानी हर सप्ताह कम से कम दो घंटे स्वच्छता के लिए देने का संकल्प कराया जाएगा।
शपथ लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति 100 अन्य लोगों को स्वच्छता से जोड़ने और उन्हें भी शपथ दिलाने का प्रयास करेगा। स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली से ‘मेरी सीट, मेरा डिब्बा’ थीम पर लगातार स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। यात्रियों को पंपलेट बांटे जाएंगे और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर भी स्वच्छता शपथ एवं जागरूकता संदेश दिखाए जाएंगे। यानी प्लेटफार्म से ट्रेन की सीट तक यात्री को यह याद दिलाया जाएगा कि सफाई केवल रेलवे की नहीं, उसकी भी जिम्मेदारी है




