
चंडीगढ़
पंजाब में पिछले छह दिनों से सामूहिक अवकाश के रूप में हड़ताल कर रहे हजारों बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी ड्यूटी फिर से संभाल ली। यह फैसला रविवार को पटियाला में वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान पावर मैनेजमेंट की ओर से कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद लिया गया।
पंजाब पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारी संगठनों के नेताओं अवतार कैंथ, हरपाल धालीवाल, कुलविंदर ढिल्लों और मनजीत चाहल ने बताया कि सरकार और पावर मैनेजमेंट की ओर से कुछ मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया है।
हालांकि अधीक्षण अभियंता (एसई) ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नहीं थी। उन्होंने कहा कि पूरे हड़ताल काल में बिजली प्रणाली में कोई बड़ा ब्रेकडाउन नहीं हुआ। जहां भी 11 केवी फीडरों में फॉल्ट आया, उसे 2 से 3 घंटे के भीतर ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारियों, विभागीय अधिकारियों और पैनल में शामिल निजी ठेकेदारों की मदद से बिजली आपूर्ति बहाल रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार ने भी विभाग को आवश्यकता पड़ने पर ओपन मार्केट से निजी इलेक्ट्रिशियन और तकनीकी कर्मियों की सेवाएं लेने की अनुमति दे दी है, जिस पर अमल शुरू कर दिया गया है।
पीएसपीसीएल द्वारा 21 जुलाई से 26 जुलाई तक की अवधि का जारी शिकायत विवरण बताता है कि होशियारपुर सर्किल में कुल 43,153 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 23,592 शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जबकि 18,520 शिकायतें 26 जुलाई तक लंबित थीं। इनमें 12,288 शिकायतें ऐसी थीं जो 24 घंटे से अधिक समय से लंबित थीं।
सबसे अधिक 12,029 शिकायतें होशियारपुर सिटी डिवीजन में दर्ज हुईं। इनमें से 5,763 शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि 6,088 शिकायतें लंबित रहीं। मुकेरियां डिवीजन में 9,063 शिकायतें मिलीं, जिनमें 3,150 का समाधान हुआ और 5,533 शिकायतें लंबित रहीं।
सब-अर्बन होशियारपुर डिवीजन में 10,022 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,272 का निपटारा किया गया और 5,577 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। भोगपुर डिवीजन में 2,126 शिकायतों में से 1,368 का समाधान हुआ, जबकि 679 शिकायतें शेष हैं।
वहीं दसूहा डिवीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां प्राप्त 5,935 शिकायतों में से 5,835 का समाधान कर दिया गया और कोई शिकायत लंबित नहीं रही। गढ़शंकर/माहिलपुर डिवीजन में 3,978 शिकायतों में से 3,204 का निपटारा हुआ, जबकि 643 शिकायतें लंबित रहीं।
एसई ने कहा कि नियमित कर्मचारियों के काम पर लौटने से पावर सब-स्टेशनों का संचालन अब सामान्य हो जाएगा। हड़ताल के दौरान सब-स्टेशनों पर तैनात एसडीओ, जेई और अन्य अधिकारियों को अब फील्ड में भेजा जाएगा, जिससे फॉल्ट दूर करने और लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।
हालांकि कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और पावर मैनेजमेंट ने स्वीकार की गई मांगों को तय समय में लागू नहीं किया, तो उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
गौरतलब है कि पिछले छह दिनों से बिजली कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर थे, जिससे बिजली विभाग के रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं पर असर पड़ रहा था। हड़ताल समाप्त होने से अब बिजली सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद है।




