
चंडीगढ़
पश्चिम एशिया में हुए युद्ध संकट के दौरान केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देश के बाद हरियाणा के शहरों से करीब सवा लाख उपभोक्ताओं ने एलपीजी रसोई गैस सिलिंडर की जगह पीएनजी कनेक्शन ले लिया है।
करीब 34 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके आवेदन अभी गैस पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए लंबित हैं। कनेक्शन में बदलाव करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या गुरुगाम में सबसे अधिक (56 हजार) है।
गुरुग्राम के अलावा पिछले तीन माह में फरीदाबाद, रेवाड़ी, सोनीपत में भी घर के पास गैस लाइन की उपलब्धता को देखते हुए लोगों ने एलपीजी रसोई गैस सिलिंडर को सरेंडर कर पीएनजी कनेक्शन लिया है। ऐसे उपभाक्ताओं को एजेंसी की ओर से सिलिंडर जमा करने के बाद एक फार्म बाउचर के साथ दिया है।
इसका उपयोग लोग तब कर सकेंगे जब उन्हें वर्तमान पते को छोड़ दूसरे जिला में नया ठिकाना बनाना होगा और वहां पर पीएनजी की पाइप लाइन घर के पास उपलब्ध नहीं होगी। तब उन्हें इसी बाउचर पर वहां की गैस एजेंसी एलपीजी सिलिंडर के साथ नया कनेक्शन जारी कर देगी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने ही युद्ध संकट के चलते गैस आपूर्ति में आ रही बाधा के चलते अप्रैल माह में निर्देश जारी किए थे कि पीएनजी की उपलब्धता वाले शहर या क्षेत्र में एलपीजी सिलिंडर का उपयोग करने वाले लोग अपना पीएनजी कनेक्शन लेकर एलपीजी कनेक्शन बंद करा दें।
इसके लिए उन्हें समय भी दिया गया था। लोगों को परेशानी नहीं हो इसके लिए पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद एलपीजी सिलिंडर एजेंसी में जमा कराने का एक माह का समय दिया था।
हालांकि, होर्मुज समुद्री मार्ग खुलने कर वजह से गैस लेकर आने वाले जहाज निर्वाध रूप से आने लगे हैं लेकिन अभी भी लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए कहा जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार पीएनजी पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनियों को एनओसी देने की प्रक्रिया भी सरल कर रखी है।




