
चंडीगढ़.
पंजाब के सरकारी स्कूलों में 30 मई को आयोजित होने वाले ‘सिखिया दा महाजश्न’ कार्यक्रम को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इस कार्यक्रम को केवल शैक्षणिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे बड़े स्तर के जनसंपर्क और इंटरनेट मीडिया अभियान के रूप में चलाने की तैयारी की है।
इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को जमीनी स्तर पर विशेष मीडिया असाइनमेंट पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान आयोजित मेगा पीटीएम, पैरेंट वर्कशॉप और ‘सिखिया दा महाजश्न’ समारोह की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रिकॉर्ड और प्रचारित करना अनिवार्य होगा। हर सरकारी स्कूल को 10 उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो रिकॉर्ड करने होंगे, जिनमें अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं शामिल होंगी। इन वीडियो को स्कूलों के इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड करना होगा।
वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर निर्देश जारी
विभाग ने वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। कैमरे के फ्रेम में केवल अभिभावक दिखाई देने चाहिए। पृष्ठभूमि साफ-सुथरी और बिना भीड़भाड़ वाली होनी चाहिए ताकि पूरा फोकस बोलने वाले व्यक्ति पर रहे। इंटरव्यू लेने वाला शिक्षक या स्टाफ कैमरे के पीछे रहेगा और उसका चेहरा वीडियो में नहीं दिखना चाहिए। विभाग ने यह भी कहा है कि बातचीत केवल औपचारिक न होकर भावनात्मक जुड़ाव वाली होनी चाहिए ताकि अभिभावकों की वास्तविक प्रतिक्रिया सामने आ सके। इसके लिए स्कूलों को दो मुख्य सवाल भी सुझाए गए हैं। पहला, “आप अपने बच्चे के स्कूल के बारे में क्या महसूस करते हैं?” और दूसरा, “आपने यहां सबसे बड़ा बदलाव क्या देखा है?”
इंटरनेट पोस्ट के लिए हैश-टैग जारी
इसके अलावा स्कूलों को कार्यक्रम स्थल पर 6 फीट ऊंचे और 4 फीट चौड़े सेल्फी स्टैंडी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टैंडियों के साथ अभिभावकों और आगंतुकों की कम से कम 10 हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें लेना भी अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट के लिए #PunjabSikhiyaKranti, #Megaptm, #Parentworkshop और #Sikhyadamahajashn हैशटैग का उपयोग अनिवार्य किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि विभाग पूरे अभियान की निगरानी करेगा और यह जांची जाएगी कि सभी स्कूलों ने निर्धारित वीडियो, फोटो और इंटरनेट मीडिया पोस्ट समय पर अपलोड किए या नहीं।




