मध्य प्रदेश

राजगढ़ में तालाब में गिरी तेज रफ्तार कार, पांच लोगों की दर्दनाक मौत हुई

 राजगढ़
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खुजनेर थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले भीलखेड़ी जोड़ के पास शनिवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार (MP09 CC 6414) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित तालाब में जा गिरी। हादसे में कार सवार सभी पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही खुजनेर थाना प्रभारी रवि ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल खुजनेर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने पहले 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक व्यक्ति में हल्की सांसें चलने के कारण उसे सीपीआर दिया गया, हालांकि, उसे भी बचाया नहीं जा सका।

मृतकों के नाम
गोविंद पिता उमाशंकर तिवारी, कमल पिता बृजकिशोर तिवारी, शंकरलाल पिता सिद्धनाथ निवासी अरन्या खुर्द तहसील अवंतीपुर बड़ोदिया​ जिला शाजापुर और दिव्यांग रोहित खाती, अरविंद कंडक्टर दोनों निवासी अरन्या चौराहा मृतकों में शामिल हैं। गोविंद तिवारी की बेटी की सगाई करने के लिए खुजनेर के पास कहीं किसी गांव जा रहे थे।

दरवाजे लॉक होने से कार में फंसने की आशंका
पुलिस के मुताबिक, कार सीधे तालाब में गिर गई थी। आशंका है कि, कार के शीशे बंद थे और दरवाजे लॉक हो जाने के कारण सवार बाहर नहीं निकल सके, जिससे सभी की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त का प्रयास जारी है।

जेब से मिले दस्तावेज
जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर कुछ लोगों के अरनिया खुर्द और अवंतीपुर बड़ोदिया, मोहन बड़ोदिया, हताईखेड़ा निवासी होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस परिजन से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। साथ ही, पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।

बंद शीशे खुल नहीं पाए, लॉक भी नहीं खुला?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, माना जा रहा है कि कार सीधे गहरे तालाब में जा गिरी। संभावना है कि, पानी में गिरते ही कार के दरवाजे लॉक हो गए हों या पानी का दबाव बढ़ने से उन्हें खोलना संभव नहीं हो सका हो। वहीं, शीशे भी बंद होने के कारण कार सवार समय रहते बाहर नहीं निकल सके। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार, सड़क की स्थिति या अन्य कोई तकनीकी कारण तो जिम्मेदार नहीं था। हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही हो सकेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button