मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में पारा 42 डिग्री पार, नर्मदापुरम सबसे गर्म, 16-17 अप्रैल को चलेगी भीषण लू, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल 
मध्य प्रदेश में
मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है. तापमान में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के बाद एमपी में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है. इंदौर उज्जैन एमपी के सबसे गर्म जिलों में शामिल हैं. यहां का तापमान 40 डिग्री तक चला गया है. मौसम विभाग ने कई जिलों में लू चलने का अलर्ट भी जारी किया है. मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान और पश्चिम की तरफ से आ रही तेज गर्म हवाओं ने तापमान में बढ़ोत्तरी शुरू कर दी है. जिससे गर्मी शुरू हो गई है. इंदौर से उज्जैन संभाग के कई जिलों में तापमान बुधवार को ही 42 डिग्री तक चला गया है. मौसम विभाग का कहना है कि सुबह से ही तेज धूप हो रही है. जिससे गर्मी का असर सुबह से ही देखने को मिल रहा है। 

मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे अधिक गर्म जिला रहा. यहां दिन का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जिले में तीन दिनों से पारा 40 डिग्री के पार बना हुआ है. मंगलवार को दिन का तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज हुआ. राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण गर्मी बढ़ रही है. आने वाले दिनों में हीटवेव की संभावना बनी हुई है। 

भोपाल ने 16 मार्च से प्रदेश में हीट वेव यानी, लू चलने का अलर्ट जारी किया है। 16, 17 और 18 अप्रैल को प्रदेश के 17 जिले लू से प्रभावित रहेंगे। इससे पहले मंगलवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी रही। मौसम विभाग की माने तो नर्मदापुरम में दिन के साथ रात भी सबसे गर्म है। रात में तापमान 25 डिग्री रहा।

इसी तरह रतलाम में 41.4 डिग्री, खजुराहो-नौगांव में 41 डिग्री, धार में 40.6 डिग्री, बैतूल में 40.5 डिग्री, श्योपुर-रायसेन में 40.4 डिग्री, शाजापुर, गुना-खरगोन में 40.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.1 डिग्री, दमोह, सागर-मलाजखंड में तापमान 40 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-जबलपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री, इंदौर में 39.8 डिग्री और ग्वालियर-उज्जैन में 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आने का अनुमान
मौसम विज्ञान संबंधी स्थितियों से जानकारी मिली है कि दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिण असम से लेकर दक्षिण तमिलनाडु तक फैला एक उत्तर-दक्षिण गर्त और उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर एक मजबूत उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम मौजूद है. 15 अप्रैल की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आने का अनुमान है. प्रदेश में अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। 

दोपहर में बाहर निकलने से बचें
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहरी गतिविधियों से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सीधी धूप में जाने से बचने की सलाह दी है. गर्मी के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें. IMD ने किसानों से अपील की है कि वे साफ मौसम में गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई और थ्रेसिंग करें। 

नया सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह कमजोर रहेगा। इसका असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में ही दिखाई देगा। यानी, अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढ़ने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे हैं।

कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।

अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा।

अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।

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