
गुरुग्राम
हरियाणा के गुरुग्राम में वेडिंग सिटी विकसित करने की तैयार शुरू हो चुकी है। इसके लिए एचएसआईआईडीसी के प्लानिंग विंग की ओर से फाजिलवास गांव की 186 एकड़ जमीन की पहचान की गई है।
मुख्यालय इस परियोजना पर काम कर रहा है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की योजना के मुताबिक इन वेडिंग सिटी में सगाई से लेकर विदाई तक की सभी रस्मों के लिए एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें बैंक्वेट हॉल, ओपन गार्डन, कैटरिंग जोन, डेकोरेशन सेवाएं, गेस्ट हाउस, ट्रांसपोर्ट, शापिंग एरिया और मनोरंजन जोन शामिल होंगे। शादी से जुड़े हर कार्यक्रम एक ही परिसर में हो सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि अभी गुरुग्राम में ग्लोबल सिटी विकसित किया जा रहा है। इसके बाद विजन सिटी परियोजना पर काम शुरू होगा। इसके साथ वेडिंग सिटी की तैयारियों को लेकर काम किया जा रहा है।
रोजगार के अवसर पैदा होंगे
एचएसआईआईडीसी प्रबंध निदेशक सुशील सरवन ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शादी जैसे बड़े आयोजनों को एक ही स्थान पर सुव्यवस्थित करना है। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देना और रोजगार के नये अवसर पैदा करेगा। लोगों को अपने ही राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए रोके रखना है। यह वेडिंग सिटी वोकल फार लोकल की अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे, ताकि राज्य की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। गुरुग्राम के अलावा खरखौदा और पिंजौर में भी वेडिंग सिटी विकसित किया जाएगा।
कारोबार को बढ़ावा मिलेगा
वेडिंग सिटी विकसित होने से वोकल फार लोकल को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें स्थानीय कारीगरों, बुटीक, ज्वेलर्स और सजावट को स्थायी बाजार मिलेगा। छोटे व्यापारियों को बड़े आयोजनों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इनमें हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इवेंट मैनेजमेंट, होटल, ट्रांसपोर्ट और फूड सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी। स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। गुरुग्राम को पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना अधिक होगा। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।




