
चंडीगढ़.
चंडीगढ़. राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद दोनों ही 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के आंकड़े को पार कर गए हैं। अब तक 1,03,49,917.17 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 1,00,15,024.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के कुशल नेतृत्व में विभाग द्वारा राज्यभर की मंडियों में बारदाना, पीने के साफ पानी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके कारण गेहूं की आवक, खरीद और लिफ्टिंग में तेजी आई है तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसान, आढ़ती और मजदूरों सहित सभी हितधारकों के हितों की रक्षा हुई है। किसानों को किए गए भुगतान के संबंध में, 48 घंटे के भीतर खरीदी गई गेहूं के लिए 21,422.09 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई है।
आज यहां अनाज भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद 100 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई है और वर्तमान समय में मंडियों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों को अदायगी के संबंध में उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में 22,815 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है। अब तक 6,28,674 किसान अपनी उपज मंडियों में ला चुके हैं।
उन्होंने आगे बताया कि उठाई भी तेजी से की जा रही है और 47.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की उठाई हो चुकी है, जो कि 72 घंटों के नियमों के अनुसार 56.6 प्रतिशत है। इसके अलावा सुचारू और निर्विघ्न खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में कुल 2885 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और इनमें से 1864 नियमित किए गए हैं जबकि 1021 अस्थायी हैं। मंत्री ने आगे बताया कि इस बार उपज बहुत ज्यादा रही है, जिसके कारण पंजाब में बंपर फसल हुई है। इससे 124 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में बहुत मदद मिलेगी।
अधिक जानकारी देते हुए कटारूचक्क ने बताया कि वह नियमित अंतरालों पर राज्य भर की मंडियों का दौरा कर रहे हैं और किसी भी किसान ने मंडियों में किए गए प्रबंधों के बारे में कोई शिकायत नहीं की है। इसके साथ ही बारदाने, साफ-सफाई, पीने का पानी और लकड़ी के क्रेट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।




